Essay On Orange In Hindi

संतरा एक फल है। संतरे को हाथ से छीलने के बाद पेशीयोँ को अलग कर के चूसकर खाया जा सकता है। सँतरे का रस निकालकर पीया जा सकता है। संतरा ठंडा, तन और मन को प्रसन्नता देने वाला है। उपवास और सभी रोगों में नारंगी दी जा सकती है। जिनकी पाचन शक्ति खराब हो, उनको नारंगी का रस तीन गुने पानी में मिलाकर देना चाहिये। एक व्यक्ति को एक बार में एक या दो नारंगी लेना पर्याप्त है। एक व्यक्ति को जितने विटामिन ‘सी’ की आवश्यकता होती है, वह एक नारंगी प्रतिदिन खाते रहने से पूरी हो जाती है। खांसी-जुकाम होने पर नारंगी के रस का एक गिलास नित्य पीते रहने से लाभ होगा। स्वाद के लिये नमक या मिश्री डालकर पी सकते है।[2]

पौष्टिक गुण[संपादित करें]

संतरा एक स्वास्थ्यवर्धक फल है। इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन सी होता है। लोहा और पोटेशियम भी काफी होता है। संतरे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें विद्यमान फ्रुक्टोज, डेक्स्ट्रोज, खनिज एवं विटामिन शरीर में पहुंचते ही ऊर्जा देना प्रारंभ कर देते हैं। संतरे के सेवन से शरीर स्वस्थ रहता है, चुस्ती-फुर्ती बढ़ती है, त्वचा में निखार आता है तथा सौंदर्य में वृद्धि होती है। प्रस्तुत है इसके कुछ प्रयोग-

  • संतरे का एक गिलास रस तन-मन को शीतलता प्रदान कर थकान एवं तनाव दूर करता है, हृदय तथा मस्तिष्क को नई शक्ति व ताजगी से भर देता है।
  • पेचिश की शिकायत होने पर संतरे के रस में बकरी का दूध मिलाकर लेने से काफी फायदा मिलता है।
  • संतरे का नियमित सेवन करने से बवासीर की बीमारी में लाभ मिलता है। रक्तस्राव को रोकने की इसमें अद्भुत क्षमता है।
  • तेज बुखार में संतरे के रस का सेवन करने से तापमान कम हो जाता है। इसमें उपस्थित साइट्रिक अम्ल मूत्र रोगों और गुर्दा रोगों को दूर करता है।
  • दिल के मरीज को संतरे का रस शहद मिलाकर देने से आश्चर्यजनक लाभ मिलता है।
  • संतरे के सेवन से दाँतों और मसूड़ों के रोग भी दूर होते हैं।
  • छोटे बच्चों के लिए तो संतरे का रस अमृततुल्य है। उन्हें स्वस्थ व हृष्ट-पुष्ट बनाने के लिए दूध में चौथाई भाग मीठे संतरे का रस मिलाकर पिलाने से यह एक आदर्श टॉनिक का काम करता है।
  • जब बच्चों के दाँत निकलते हैं, तब उन्हें उल्टी होती है और हरे-पीले दस्त लगते हैं। उस समय संतरे का रस देने से उनकी बेचैनी दूर होती है तथा पाचन शक्ति भी बढ़ जाती है।
  • पेट में गैस, अपच, जोड़ों का दर्द, उच्च रक्तचाप, गठिया, बेरी-बेरी रोग में भी संतरे का सेवन बहुत कुछ लाभकारी होता है।
  • गर्भवती महिलाओं तथा यकृत रोग से ग्रसित महिलाओं के लिए संतरे का रस बहुत लाभकारी होता है। इसके सेवन से जहाँ प्रसव के समय होने वाली परेशानियों से मुक्ति मिलती है, वहीं प्रसव पीड़ा भी कम होती है। बच्चा स्वस्थ व हृष्ट-पुष्ट पैदा होता है।
  • संतरे का सेवन जहाँ जुकाम में राहत पहुँचाता है, वहीं सूखी खाँसी में भी फायदा करता है। यह कफ को पतला करके बाहर निकालता है।
  • संतरे के सूखे छिलकों का महीन चूर्ण गुलाब जल या कच्चे दूध में मिलाकर पीसकर आधे घंटे तक लेप लगाने से कुछ ही दिनों में चेहरा साफ, सुंदर और कांतिमान हो जाता है। कील मुँहासे-झाइयों व साँवलापन दूर होता है।
  • संतरे के ताजे फूल को पीसकर उसका रस सिर में लगाने से बालों की चमक बढ़ती है। बाल जल्दी बढ़ते हैं और उसका कालापन बढ़ता है।
  • संतरे के छिलकों से तेल निकाला जाता है। शरीर पर इस तेल की मालिश करने से मच्छर आदि नहीं काटते।
  • बच्चे, बूढ़े, रोगी और दुर्बल लोगों को अपनी दुर्बलता दूर करने के लिए संतरे का सेवन अवश्य करना चाहिए।
  • संतरे के मौसम में इसका नियमित सेवन करते रहने से मोटापा कम होता है और बिना डायटिंग किए ही आप अपना वजन कम कर सकते हैं।

इस तरह संतरा सेहत को ही नहीं, खूबसूरती को भी संवारता है। हमेशा पके व मीठे संतरे का ही सेवन करना चाहिए। गर्मियों में संतरे की फसल अपने पूरे जोर पर होती है।

अन्य भाषाओं में[संपादित करें]

  • सामान्य हिन्दी - संतरा
  • मैथिली - संतोला या समतोला
  • बांग्ला - कॊमॊला लेबू (बांगला - কমলা লেবু)
  • तमिल - आरंजु (तमिळ भाषा - ஆரந்சு (तमिळ हिज्जा अशुद्ध हो सकता है))

एक नारंगी, विशेष रूप से, मीठी संतरे, नींबू × Citrus sinensis (syn. साइट्रस का पेड़ एल var है। Dulcis एल, या साइट्रस का पेड़ Risso) और उसके फल. संतरे की खेती प्राचीन मूल के एक संकर, pomelo के बीच संभवतः है (साइट्रस maxima) और कीनू (reticulata साइट्रस)। यह एक छोटा सा फूल के बारे में 10 सदाबहार पत्ते, जो बारी की व्यवस्था, crenulate मुनाफा और 4-10 सेमी लंबे समय से ovate आकार के होते हैं साथ लंबा मी बढ़ती वृक्ष है। नारंगी फल एक hesperidium, बेरी का एक प्रकार है।

दक्षिण पूर्व एशिया में उत्पन्न संतरे। Citrus sinensis का फल मीठा नारंगी कहा कि यह साइट्रस का पेड़ से अलग, कड़वी नारंगी है। नाम के अंत में अपने अंतिम रूप से नारंगी का पेड़, के लिए द्रविड़ और तमिल शब्द से प्राप्त विकासशील मध्यवर्ती अनेक भाषाओं के माध्यम से गुजर जाने के बाद लगा है। सभी साइट्स पेड़ों एकल जीनस, साइट्रस के हैं और काफी हद तक रह interbreedable, वह है, वहाँ केवल एक "superspecies" जो grapefruits, नींबू, नीबू और संतरे शामिल है। फिर भी, नाम जीनस के विभिन्न सदस्यों को दिया गया है, संतरे अक्सर Citrus sinensis और साइट्रस पेड़ के रूप में भेजा जा रहा है। जीनस साइट्रस के सभी सदस्यों का फल जामुन माना जाता है क्योंकि वे कई बीज है, हैं मांसल और नरम और एक ही अंडाशय से निकाले जाते हैं। नारंगी रंग का बीज एक घायल करना कहा जाता है। छील के अंदर से जुड़ी सामग्री की तरह सफेद धागे कथित मज्जा है।

चित्र दीर्घा[संपादित करें]

देखें[संपादित करें]

पादटिप्पणी[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  • McPhee, John. Oranges (1966) - focuses on Florida groves.
  • Sackman, Douglas Cazaux. Orange Empire: California and the Fruits of Eden (2005) comprehensive, multidimensional history of citrus industry in California
  • Train, John. Oranges (2006)
  • Culture & Care for the genus Citrus on CultureSheet.org

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

संतरा या ऑरेंज एक नारंगी रंग का स्वादिष्ट फल होता है। यह विटामिन ए, बी और सी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस, कोलीन (choline) और अन्य पोषक पदार्थों से भरपूर होता है।

साथ ही, संतरे में मजबूत anti-inflammatory और एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव पैदा करने वाले  170 से भी ज्यादा फाइटोकेमिकल्स (phytochemicals) और 60 से ऊपर flavonoids होते हैं।

संतरे के ज्यादातर स्वास्थ्य लाभ इसमें मौजूद अत्यधिक विटामिन सी के कारण होते हैं। एक इटालियन शोध के अनुसार एक गिलास संतरे का जूस का सेवन विटामिन सी के सप्लीमेंट्स के सेवन से ज्यादा लाभकारी होता है

लेकिन, संतरे का उचित स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए इसका संतुलित मात्रा में ही सेवन ही करना चाहिए। इसमें मौजूद अत्यधिक शुगर और एसिडिक कंटेंट के कारण दांतों में सड़न, मसूड़ों में दर्द और दांतों की इनेमल के पतला होने की समस्या हो सकती है। इसलिए संतरे का नियमित सेवन तो करें लेकिन एक बार में इसके अत्यधिक सेवन से बचें।

संतरे के 10 सबसे अधिक कारगर स्वास्थ्य लाभ नीचे दिए जा रहे हैं –

1. रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है

संतरा में भरपूर मात्रा में विटामिन सी होता है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में काफी मदद करता है। विटामिन सी सफेद रक्त कोशिकाओं (white blood cells) के प्रोडक्शन को बढ़ाता है जो शरीर में वायरस, बैक्टीरिया और अन्य नुकसानदायक पदार्थों से लड़ते हैं।

संतरे में अत्यधिक मात्रा में polyphenols होते हैं जो शरीर में वायरस इन्फेक्शन होने से बचाते हैं। यह शरीर को विटामिन सी, फोलेट और कॉपर भी प्रदान करते हैं जो रोग रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए लाभकारी पदार्थ हैं।

अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए रोज दो संतरे खाएं या इनका जूस बनाकर पियें।

2. त्वचा को स्वस्थ और जवां बनाये रखता है

संतरे में अत्यधिक विटामिन सी होने के कारण यह त्वचा को भरपूर पोषण प्रदान करता है और बाहरी खतरों से बचाता है। यह एंटीऑक्सीडेंट विटामिन स्किन को सूर्य की किरणों और पर्यावरण प्रदूषण से डैमेज होने से बचाता है। साथ ही यह कोलेजन के निर्माण में मदद करता है, स्किन की इलास्टिसिटी (लचीलेपन) को बढ़ाता है और झुर्रियों को कम करता है।

इस फल को नियमित खाकर या इसके रस को अपनी त्वचा पर लगाकर इसका पूर्ण लाभ लिया जा सकता है।

आप संतरे के छिलकों का फेस मास्क बनाकर भी लगा सकते हैं। इसके छिलकों में साइट्रिक एसिड होती है जो स्किन को गोरा करती है और इसके बंद छिद्रों (pores) को खोल देती है।

3. कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है

संतरे में पेक्टिन (pectin) नामक घुलनशील फाइबर होता है जो अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को रक्त में घुलने से पहले ही सोखकर शरीर से बाहर कर देता है। साथ ही इसमें hesperidin नामक flavanone होता है जो रक्त में मौजूद कोलेस्ट्रॉल को कम करने के साथ-साथ उच्च रक्तचाप को भी नियंत्रित करता है।

इसलिए कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप से सम्बंधित समस्यायों से लड़ने के लिए अपनी रेगुलर डाइट में एक संतरा और एक गिलास संतरे के जूस को शामिल करें।

4. ह्रदय को स्वस्थ रखता है

संतरे में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट, फोलेट और पोटैशियम होने के कारण यह ह्रदय के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, खासतौर पर विटामिन सी शरीर की धमनियों को फ्री रेडिकल्स से बचाता है और कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीडेशन को रोकता है।

साथ ही संतरा में फाइटोकेमिकल्स पाए जाते हैं जो प्लेटलेट्स को रक्त में इकठ्ठा होकर जमने से रोकते हैं। इससे रक्त का संचार थी से होता है और शरीर के विभिन्न अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्व मिल पाते हैं।

फोलेट या विटामिन बी9 शरीर में homocysteine नामक एमिनो एसिड को प्रोसेस करता है। Homocysteine का स्तर ज्यादा होने पर हार्ट अटैक और हाई कोलेस्ट्रॉल होने की सम्भावना अधिक होती है।

संतरे में मौजूद पोटैशियम भी ह्रदय के कामकाज और इसकी मांसपेशियों के संकुचन (muscle contractions) के लिए जरूरी पोषक तत्व है। साथ ही, रिसर्च के अनुसार संतरे में मौजूद flavonone hesperidin पदार्थ शरीर की रक्त कोशिकाओं को सुरक्षित रखता है।

इसलिए अपने स्वस्थ रखने के लिए रोज एक ताजा संतरा या इसके जूस का सेवन करें।

5. संधिशोथ (Rheumatoid Arthritis) से बचाता है

अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रीशन में पब्लिश हुई एक स्टडी के अनुसार एक गिलास ताजा संतरे के जूस का सेवन करने से संधिशोथ रोग होने की सम्भावना काफी कम हो जाती है।

संतरा विटामिन सी का अच्छा स्त्रोत होने के कारण जोड़ों की सूजन और इन्फ्लामेशन को कम करने में मदद करता है। साथ ही इसमें मौजूद phytonutrients zeaxanthin और beta-cryptoxanthin, हमारे शरीर में ऑक्सीडेटिव डैमेज होने से बचाते हैं। ऑक्सीडेटिव डैमेज के कारण शरीर में इन्फ्लामेशन काफी बढ़ जाता है।

6. गुर्दे में पथरी होने से रोकता है (Prevents Kidney Stones)

संतरे में मौजूद विटामिन सी किडनी के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। यह यूरिन में citrate के स्तर को बढ़ा देता है। Citrate यूरिन में मौजूद एसिड्स को neutralize कर देता है और यूरिक एसिड और कैल्शियम ऑक्सालेट के crystallization को रोककर किडनी स्टोन में परिवर्तित होने से रोक देता है। इसलिए संतरे के नियमित सेवन से किडनी में कैल्शियम ऑक्सालेट किडनी स्टोन बनने की सम्भावना बहुत ही कम हो जाती है।

अमेरिका के टेक्सास साउथवेस्टर्न मेडिकल सेंटर के अनुसार किडनी स्टोन होने से बचने के लिए रोज एक गिलास संतरे के जूस का सेवन अन्य किसी और उपचार या मेडिकेशन से ज्यादा इफेक्टिव होता है।

7. वजन कम करने में मदद करता है

मोटापा कम करने की प्रक्रिया में संतरा काफी लाभकारी होता है। इसमें मौजूद हाई फाइबर और विटामिन सी वजन कम करने की प्रक्रिया को बढ़ाते हैं। फाइबर के कारण हमारा पेट भरा हुआ महसूस होता है और हम कम खाना खाते हैं। विटामिन सी शरीर में ग्लूकोस को ऊर्जा में परिवर्तित करता है और अतिरिक्त चर्बी को जलाने में मदद करता है। साथ ही संतरा एक अच्छा लो कैलोरी और फैट फ्री पोषक पदार्थ होता है जो बिना वजन बढ़ाये शरीर को जरूरी पोषण देता है।

अच्छे रिजल्ट्स पाने के लिए रोज अपने दिन की शुरुआत एक गिलास ताजा संतरे के जूस के सेवन के साथ करें। बाजार में उपलब्ध पैकेज्ड संतरे के जूस का सेवन कम ही करें क्योंकि इनमें artificial sweeteners और preservatives मिले होते हैं। इनकी जगह ताजा संतरों के जूस को निकाल कर सेवन करें।

8. कैंसर से बचाता है

संतरे में hesperidin और naringenin नामक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं और कैंसर होने से रोकते हैं।

इसमें मौजूद zeaxanthin और carotenoids, हमारे शरीर को विभिन्न के कैंसर, खासतौर से प्रोस्टेट कैंसर से बचाते हैं। साथ ही इसमें limonoids compound भी होता है जो मुंह, पेट, फेफड़ों, त्वचा और स्तन कैंसर से लड़ता है।

अमेरिकन जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी में पब्लिश हुई एक रिसर्च के अनुसार दो साल से छोटे बच्चों को संतरे और केले के जूस का नियमित सेवन कराने से उनमें चाइल्डहुड ल्यूकेमिया होने की सम्भावना काफी कम हो जाती है।

9. आंखों को स्वस्थ रखता है

पीले और नारंगी रंग के फल आंखों के स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी होते हैं क्योंकि उनमें बीटा-कैरोटीन और विटामिन ए भरपूर होते है।

संतरे में बीटा-कैरोटीन के साथ-साथ अन्य carotenoids भी होते हैं जो शरीर में विटामिन ए में परिवर्तित हो जाते हैं। उदाहरण के लिए संतरे में मौजूद lutein और zeaxanthin नामक carotenoids आंखों में कोई भी chronic eye diseases होने से बचाते हैं।

साथ ही संतरे में मौजूद विटामिन सी और अन्य एंटीऑक्सीडेंट आंखों में मोतिअबिंद होने से रोकते हैं और उम्र के कारण होने वाले macular degeneration की गति को कम कर देते हैं।

10. एजिंग से लड़ता है

संतरे को एक अच्छा एंटी-एजिंग फ्रूट माना जाता है क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड्स होते हैं जो फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं। फ्री रेडिकल्स के कारण ही एजिंग तेज हो जाती है और कई degenerative diseases हो जाती हैं।

कई शोधों से यह पता चला है कि फ्री रेडिकल्स को कम करने के लिए संतरे में मौजूद विटामिन सी काफी उपयोगी एंटीऑक्सीडेंट होता है। रोज एक कप संतरे के जूस के सेवन से शरीर की दिनभर की 1/5 विटामिन सी की जरूरत पूर्ण हो जाती है।

संतरा premature aging को भी रोकता है क्योंकि विटामिन सी और बीटा-कैरोटीन skin repair को बढ़ाते हैं।

Filed Under: रसोई सामग्री, सुपरफूड्स

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